प्रसंग एवं त्यौहारश्री केम्प हनुमानजी मंदिर की हनुमान यात्रा :श्री हनुमान जयंति के एक दिन पहले श्री हनुमानजी अपने कहे जानेवाले पिता श्री वायुदेव के आशिर्वाद लेने के लिए श्री केम्प हनुमान मंदिर से अहमदाबाद में ही आया हुआ वासणा विस्तार स्थित श्री पवनदेव मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं । श्री केम्प हनुमानजी मंदिर से नीकलती हुई इस हनुमान यात्रा में श्री केम्प हनुमानजीका रथ विशेष रुप से श्रृंगारित किया जाता है । उनकी आरती होती है एवं ट्रको, ट्रकोमें लगायी हुई झांखीयां, भजन मंडलीयाँ, बेन्ड – नगारा – ढोल के साथ दर्शनार्थी अपने वाहन जैसे के कार एवं द्विचक्री वाहनों के द्वारा मंदिर से प्रयाण करते हैं ।
उसके बाद श्री पवनदेव मंदिर पर हनुमान यात्रा पहुंचकर श्री हनुमानजी एवं श्री पवनदेव की आरती की जाती है । छप्पनभोग का प्रसाद धराया जाता है । उपस्थित तमाम भक्तो द्वारा भोज में प्रसाद ग्रहण करने के बाद उसी दिन शाम को श्री हनुमानजी का रथ हनुमान यात्रा निज मंदिर परत होती है । श्री हनुमान जयंति
ध्वजारोहण के बाद भोजन भंडारे का आयोजन भी किया जाता है जिनका भावुक भक्त आनंद से श्री हनुमानजी की प्रसादी के स्वरुप में ग्रहण कर स्वयं को गौरावन्तित करते हैं । श्री हनुमान जयंति के दिन श्री केम्प हनुमानजी महाराज का विशेष श्रृंगार किया जाता है कि जो एक अलग और अनन्य होता है एवं श्री केम्प हनुमानजी महाराज के पास में ही उनका बालस्वरुप हनुमानजी को पालने में बिठाकर श्रृंगार किया जाता है साथ में संपूर्ण मंदिर को रोशनी से सुशोभित किया जाता है । काली चौदशकाली चौदश के दिन श्री हनुमानजी के दर्शन का विशिष्ट महत्व होता है । श्री केम्प हनुमानजी मंदिर में इस दिन रात्री के 12 बजे विशेष आरती होती है एवं विशेष प्रसादीरुप भक्तों को काली मेंश एवं काले धागे का वितरण किया जाता है । जो बुरे कर्मों और बुरी नजर से भक्तों की रक्षा करते हैं । नया साललाखों दर्शनार्थी अपने नये सालनी शुरुआत श्री हनुमानजी के दर्शन के साथ शुभाशिष प्राप्त करते हैं । देव दिवालीदेव दिवाली के दिन श्री केम्प हनुमानजी का श्रृंगार विशिष्ट एवं अदभुत होता है । इस दिन मंदिर को विशेष रुप से सजाया जाता है । इस दिन भगवान को छप्पनभोग का प्रसाद धराया जाता है और उसी प्रसाद का भाविक भक्तों को वितरण कीया जाता है । उत्तरायण (मकरसंक्रांति)इस दिन पंजाबी समाज द्वारा मंदिर में उत्सव मनाया जाता है एवं भोजन भंडारा किया जाता है । जिसमें सुबह गोटा, जलेबी एवं चाय के नास्ते के बाद भंडारा किया जाता है । जिसमें बड़ी मात्रा में भावुक भक्त हिस्सा लेकर अपने आप को गौरवान्वित करते हैं । |

14 कि.मी. लम्बी इस हनुमान यात्रा में अलग अलग जगहों पर भावुक भक्तों द्वारा श्री हनुमानजी का स्वागत एवं आरती-पूजन किया जाता है और हनुमान यात्रा में शामिल स्वयंसेवको द्वारा दर्शनार्थीओं एवं नगरजनो को रास्ते में बुंदी एवं केले के प्रसाद का वितरण करते हैं । ढोल-नगारा-बेन्डबाजा एवं भजनमंडली के द्वारा श्री हनुमान चालीसा का गान होता है और समग्र वातावरण भक्तिमय बन जाता है ।
श्री केम्प हनुमान मंदिर में श्री हनुमानजी का जन्मदिन बड़े ही धामधूम एवं हर्षोल्लास से मनाया जाता है । लाखों भक्तों की मेदनी श्री हनुमानजी को बधाई देने एवं उनके दर्शन कर आशिर्वाद प्राप्ति का लाभ लेने उमड पड़ती है । इस दिन दैनिक नियमित कार्यक्रम के अलावा सुबह 11.00 बजे आरती के साथ शुद्ध दूध से बनाया हुआ 101 किलो मावे की केक का प्रसाद श्री हनुमानजी को चढाया जाता है और बाद उसका भक्तो और श्रद्धालुओं को उसका वितरण किया जाता है । बालकों को चोकलेट एवं गुब्बारों का वितरण भी किया जाता है । और बाद में श्री केम्प हनुमानजी मंदिर की विशिष्ट रुप से तैयार करवाई हुई ध्वजा की नियत पूजा अर्चन बाद प्रभुचरण में विशेष विधि संपन्न करने के बाद श्री केम्प हनुमानजी मंदिर की प्रदक्षिणा कर भगवानजी के आशिर्वाद ले कर बेन्ड-बाजा, ढोल-नगारा के साथ आये हुए समस्त भावुक भक्तों द्वारा होती प्रभु की जयजयकार एवं जय घोष के साथ श्री केम्प हनुमानजी मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम बडे हर्षोल्लास से सम्पन्न किया जाता है । जो प्रभु को विशेष रुप से अर्पित किया जाता है ।